1 शुक्राणुजनन एवं वीर्यसेचन (स्पर्मिएशन) की परिभाषा लिखें। उत्तर— वृषण में शुक्राणुजनन निर्माण की प्रक्रिया को शुक्राणुजनन कहते हैं । शुक्राणुजनन के पश्चात् शुक्राणु शीर्ष सर्टोली कोशिकाओं में अंतःस्थापित (इंबेडेड) हो जाता है और अंत में जिस प्रक्रिया द्वारा शुक्राणु, शुक्रजनक नलिकाओं से मोचित (रिलीज) होते हैं, उस प्रक्रिया को (वीर्य सेचन) स्पर्मिएशन कहते हैं । 2. मनुष्यों में नर जनन तंत्र के अंगों के नाम लिखिए । उत्तर— मनुष्यों में नर जनन तंत्र में निम्न अंग शामिल होते हैं—एक जोड़ी वृषण (testes), एक जोड़ी एपिडिंडिमिस (epididymis), एक जोड़ी शुक्रवाहिकाएँ (vasa deferential), एक स्खलन वाहिनी ( ejaculatory duct), एक मूत्रमार्ग (urethra), शिश्न ( penis) तथा सहायक प्रथियाँ (accessory glands) आदि।